Blissful Life by Krishna Gopal

Letter 01: What are IQ, EQ, and SQ?

DigitalG1 Letter
प्रिय बच्चों (ईशा, हर्षित, आस्था, संज्ञा),
कुछ दिनों से मन में विचार आ रहा था कि आपके लिए कुछ लिखूँ, ताकि तुम परिवार व समाज में विशिष्ट स्थान पा सको। ऐसी मेरी शुभेच्छा है।
You all must have heard about IQ, EQ & SQ.
  1. IQ = Intelligent Quiescent (बुद्धि स्तर)
  2. EQ = Emotional Quiescent (भावनात्मक स्तर)
  3. SQ = Spiritual Quiescent (आध्यात्मिक स्तर)

1. IQ (Intelligent Quiescent)

As you all know the meaning of it. It is a test performed to check the Intelligence Quiescent
(i.e. बुद्धि का आंकलन करना) अर्थात हमारे दिमाग की क्षमता क्या है?
It is a very old technique, it does not reproduce the same result every time. The results are variable. Hence it is outdated nowadays.

2. EQ (Emotional Quiescent)

खुद की या दूसरों की भावनाओं को मापने का तरीका। IQ आपको परीक्षा में अच्छे नम्बर दिला सकता है, लेकिन If EQ is very high, यह आपको जीवन की परीक्षाओं में सफलता दिला सकता है। But EQ is also variable, it depends on the circumstances, many times it becomes difficult to manage emotions effectively and correctly. Most of the time we surrender before circumstances or become the slave of it. For example, Examination room में Question paper मिलने से पहले और Question paper मिलने के बाद हमारी मनोदशा में बड़ा परिवर्तन देखा गया है।
So I think this method is also not correct or we can say it is very hard to control Emotions.

3. SQ (Spiritual Quiescent)

Lastly but the most important it comes SQ. SQ का अर्थ है आपका Spiritual Level कितना व किस प्रकार का है। Or SQ is nothing but to have a lot of positive attitude. यदि इसको develop करने का सही तरीका मिल जाये तो इसे पाना बहुत आसान हो जाता है और जब प्राप्ति होने लगती है तो You enter into the Era of Bliss.
आजकल SQ पर बड़ी Research चल रही है और यह पाया गया है कि This is the only method for success, progress, and happiness. And there is no place for regrettness.

How to develop the SQ?

  1. परमात्मा पर पूर्ण विश्वास होना जरूरी है। वो इस संसार का क्या पूरे ब्रह्माण्ड (Universe) का रचयिता (creator) है। उसका कोई भी कार्य गलत नहीं हो सकता।
  2. Know yourself and himself (GOD) and the relationship with each other.
  3. हमें समझना होगा कि परमात्मा कभी भी किसी पर भी कृपा नहीं करते। यदि वो कृपा करने लगे तो फेल कोई नहीं होगा, सब पास हो जायेंगे। दुनिया में निक्कमों की संख्या बढ़ जाएगी।
    He is a creator, teacher and सदगुरू also. According to him, he says “My sweet children तुम्हें पुरुषार्थ तो करना ही होगा, और जब तुम पुरुषार्थ (मेहनत) करोगे तो मैं तुम्हारा guide बन जाऊँगा। (अर्जुन-कृष्ण)
    तुम यदि एक कदम (पहला) मेरे साथ चलोगे, तो मैं तुम्हारे साथ सौ कदम चलूँगा।
    (All diamonds do not shine. Those faces the heat and friction, only they shine.)
    बस तू अपना कार्य लगन और मेहनत से कर, मैं तुम्हें कभी फेल नहीं होने दूंगा।
    जो तुम चाहते हो वो शायद ना दूँ, परन्तु जो तुम्हें चाहिए या तुम्हें जिसकी जरूरत समझता हूँ वो जरूर दूँगा। इसके लिए मैं बाध्य हूँ।”
  4. Feel it, he is around you.

Some Important points to remember

  1. Make your mind (मन), your best friend. Never ever quarrel with him. Always say “You are the only my best friend. I need you.”
    मन बड़ा भोला होता है, यदि उससे लड़ोगे तो वो भी पूरी ताकत के साथ लड़ेगा। और दोस्ती करोगे तो दोस्त भी जल्दी बन जायेगा।
  2. Be in the company of positive people. संग का रंग जरूर लगता है।
  3. Read good books not once but a number of times.
  4. हमारा भोजन शुद्ध हो, जैसा अन्न वैसा मन। (Example: माँ जिस प्रकार के बच्चे को जन्म देती है, उसका आधार उसका भोजन अर्थात उसका आहार होता है।)
  5. आनन्द में जाने के लिए Before sleep always talk to GOD for few minutes. Say Good Night & Good Morning. Try to listen him. उस Supreme से ऐसे बात करो कि होंठ भी न हिलें। दिल से उस दिलाराम को याद करो।

Gains

  1. Your concentration and Productivity will increase.
  2. There will be the end of fear because you know that the world’s supreme power is with you. (You are the children of supreme father or GOD.)
  3. Overall personality will improve.
  4. Quality of vision, Broad हो जायेगा।
  5. Lastly and most importantly, automatically positive thoughts आने शुरू हो जायेंगे।

With lots of Love & Affection

Dada
Krishna Gopal

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1 thought on “Letter 01 – What are IQ, EQ, and SQ?”

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